पंजाब केसरी की रिपोर्ट — पंजाब और चंडीगढ़ के पेट्रोल पंपों, स्कूलों और कॉलेजों में सुकैम के सोलर पावर प्लांट लगे। बिजली के बिल में भारी बचत, और सरकार 30% तक सब्सिडी भी दे रही है।

पंजाब केसरी ने अपनी विशेष रिपोर्ट में सुकैम पावर सिस्टम्स के सोलर प्रोजेक्ट्स को प्रमुखता से जगह दी। रिपोर्ट में बताया गया कि कैसे पंजाब और चंडीगढ़ के इलाक़े में पेट्रोल पंपों, स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में सुकैम के सोलर पावर प्लांट न सिर्फ़ किफ़ायती साबित हो रहे हैं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी बेहद फ़ायदेमंद हैं।
पेट्रोल पंपों पर सोलर बैकअप
पंजाब में लगभग 6 पेट्रोल पंपों पर सुकैम ने 6 केवीए के सोलर बैकअप इंस्टाल किए हैं। जब भी बिजली जाती है तो ये पेट्रोल पंप निर्बाध चलते रहते हैं। हाईवे पर सोलर से चल रहे पेट्रोल पंपों में न तो डीज़ल जेनरेटर की तरह वायु प्रदूषण होता है, न ध्वनि प्रदूषण, और खर्च भी बिजली-डीज़ल के मुक़ाबले बेहद कम।
स्कूलों और कॉलेजों में सोलर पावर
रिपोर्ट के अनुसार सुकैम ने चंडीगढ़ के TTTI संस्थान में 50 kW का सोलर पावर प्लांट लगाया है, जो पूरी तरह सोलर पर चलता है। इसी तरह शिवालिक पब्लिक स्कूल पटियाला में भी सोलर पावर प्लांट लगाया गया है। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज चंडीगढ़ में 1 मेगावाट का सोलर प्रोजेक्ट भी किफ़ायती और प्रदूषण-मुक्त साबित हुआ है।
30% तक सब्सिडी
हरियाणा सरकार सोलर पावर इंस्टालेशन के लिए 30 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान करती है। लेकिन आम लोगों में अभी सोलर पावर प्लांट के बारे में जागरूकता की कमी है — सुकैम, राज्य सरकारें और केंद्र सरकार सोलर पावर योजनाओं को घर-घर पहुँचाने के लिए काम कर रही हैं।
“सोलर पावर पर्यावरण, प्रदूषण और ऊर्जा की बचत — तीनों समस्याओं का एक साथ हल है। सरकारी सब्सिडी के साथ यह हर संस्थान के लिए किफ़ायती है।”
— आशीष सेठी, वाइस प्रेसिडेंट, सुकैम पावर सोलर प्रोजेक्ट (पंजाब केसरी से)