इकोनॉमिक टाइम्स हिंदी की दीपा पाल की रिपोर्ट: घर-घर पेन बेचने वाले कुंवर सचदेव ने आज कैसे खड़ी की 2,300 करोड़ रुपये की Su-Kam Power Systems।

इकोनॉमिक टाइम्स हिंदी की दीपा पाल की यह स्टोरी उस शख्स की है जिसे आज देश-विदेश में लोग ‘इनवर्टर मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से जानते हैं — कुंवर सचदेव। कहानी शुरू होती है दिल्ली की गलियों में घर-घर पेन बेचने से, और आज पहुँचती है 2,300 करोड़ रुपये की Su-Kam Power Systems तक।
डॉक्टर बनने का सपना — जो पूरा नहीं हुआ
कुंवर के पिता रेलवे में क्लर्क थे। तनख्वाह इतनी नहीं थी कि तीनों भाइयों को अच्छी पढ़ाई मिल सके, इसलिए कुंवर को पाँचवीं के बाद सरकारी स्कूल जाना पड़ा और पढ़ाई का ख़र्च निकालने के लिए घर-घर पेन बेचने पड़े। 12वीं के बाद डॉक्टर बनने के लिए एंट्रेंस दिया, लेकिन एग्ज़ाम पास नहीं हो सका।
दिल्ली यूनिवर्सिटी और सिर्फ़ 10,000 रुपये से शुरुआत
ET Hindi बताता है कि कुंवर ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी की और सिर्फ़ 10,000 रुपये के निवेश से Su-Kam कंपनी की नींव रखी।
“पेन बेचते बेचते खड़ा कर दिया 2,300 करोड़ रुपये का कारोबार — इनवर्टर मैन ऑफ इंडिया कुंवर सचदेव की कहानी।”— दीपा पाल, ET Hindi • 2 अक्टूबर 2024
2000: बच्चे को करंट लगा — और आया प्लास्टिक इनवर्टर
साल 2000 में एक बच्चे को कुंवर के मेटल-केस इनवर्टर से करंट लगने की घटना घटी। इस एक हादसे ने प्रोडक्ट डिज़ाइन बदल दिया — कुंवर ने पूरी सीरीज़ को प्लास्टिक बॉडी में शिफ़्ट किया।
इनवर्टर से आगे — सोलर पर फ़ोकस
कुंवर यहीं नहीं रुके। उन्होंने Su-Kam को सोलर-बेस्ड प्रोडक्ट्स की दिशा में मोड़ा। आज Su-Kam सोलर प्रोडक्ट्स के लिए ख़ासा फ़ेमस है और इसके प्रोडक्ट्स की माँग विदेशों तक फैली हुई है।
आज: 2,300 करोड़ की कंपनी
धीरे-धीरे यह कारोबार बढ़ता गया, और आज कुंवर सचदेव करीब 2,300 करोड़ रुपये की Su-Kam Power Systems के फ़ाउंडर के रूप में जाने जाते हैं।
पेन बेचते बेचते खड़ा कर दिया 2300 करोड़ रुपये का कारोबार — ET Hindi →