Bada Business हिंदी के निशांत कपूर की Success Story: कभी बसों में पेन बेचने वाले कुंवर सचदेव ने आज कैसे खड़ी की करोड़ों की Su-Kam — और यह क्यों है भारत के ‘Make in India’ का प्रत्यक्ष उदाहरण।

Bada Business हिंदी पर निशांत कपूर की Success Story कहती है: कुछ लोग अपनी क़िस्मत ख़ुद लिखते हैं। और कुंवर सचदेव उन कुछ लोगों में से हैं — भारत की लीडिंग पावर सलूशन कंपनी Su-Kam के फ़ाउंडर और MD, जो कभी बसों में पेन बेचते थे।
बड़े भाई के साथ साइकिल पर पेन बेचना
Bada Business लिखता है कि कुंवर बचपन में अपने बड़े भाई के साथ साइकिल पर गली-मोहल्लों में पेन बेचते थे। मध्यम वर्गीय परिवार का यह बच्चा अपनी आर्थिक स्थिति के आगे कभी नहीं झुका।
Su-Kam — ‘Make in India’ का प्रत्यक्ष उदाहरण
निशांत कपूर की स्टोरी में एक स्पष्ट राजनैतिक-कारोबारी दावा है: सचदेव के Su-Kam की Success Story ‘Make in India’ का प्रत्यक्ष उदाहरण है। भारत में डिज़ाइन, भारत में मैन्युफ़ैक्चर, भारत की गलियों में पले-बढ़े एक फ़ाउंडर की मेहनत — और नतीजा एक ऐसी कंपनी जिसकी पहचान देश-विदेश में है।
“कभी बसों में बेचते थे पेन — आज है करोड़ों का सफल बिज़नेस।”— निशांत कपूर, Bada Business हिंदी • 24 मार्च 2025
बहुआयामी पहचान: फ़ाउंडर, खोजकर्ता, वक्ता
Bada Business कुंवर सचदेव को सिर्फ़ एक फ़ाउंडर नहीं बताता — वे एक महान खोजकर्ता, प्रेरणादायक वक्ता, उद्योगपति और मार्केटर भी हैं। यही बहुआयामी पहचान उन्हें भारत के उन गिने-चुने फ़ाउंडर्स में शामिल करती है जिन्हें नौजवान आज भी अपना रोल-मॉडल मानते हैं।
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