News18 हिंदी: ‘इन्वर्टर मैन ऑफ इंडिया’ की 26 साल पुरानी कंपनी की बत्ती कैसे गुल हुई — एक ग़लती से डूबा बिज़नेस, और कुंवर सचदेव की डराने वाली कहानी।

News18 हिंदी की यह स्टोरी उस साल 1998 से शुरू होती है जब देश में बिजली संकट चरम पर था। दिल्ली में केबल टीवी का बिज़नेस कर रहे कुंवर सचदेव ने महसूस किया कि बिना पावर बैकअप के यह कारोबार टिकाऊ नहीं है — और उन्होंने केबल टीवी छोड़कर Su-Kam की नींव रखी।
पहले 400+ इनवर्टर वापस आये — फिर धूम
पहली रिलीज़ में 400 से अधिक इनवर्टर ग्राहकों ने ख़ामियाँ बताकर वापस कर दिए। कुंवर ने ये ख़ामियाँ दूर कीं, दोबारा प्रोडक्ट लॉन्च किया — और तब उसने बाज़ार में धूम मचा दी। कारोबार भारत से निकलकर मिडिल ईस्ट, अफ्रीका, नेपाल, बांग्लादेश तक फैल गया।
0 से 55 डिग्री तक काम करने वाला प्रोडक्ट
Su-Kam का इनवर्टर 0 से 55 डिग्री सेल्सियस के तापमान में काम करने के लिए इंजीनियर किया गया था — यही एक तकनीकी ख़ूबी उसे भारत की अलग-अलग जलवायु और मिडिल ईस्ट/अफ्रीका की गर्मी में भरोसेमंद बनाती थी।
“कैसे गुल हुई ‘इन्वर्टर मैन ऑफ इंडिया’ की कंपनी की बत्ती — एक ग़लती से डूबा 26 साल पुराना बिज़नेस।”— News18 हिंदी बिज़नेस • Su-Kam downfall कवरेज
फिर आए मुश्किलों वाले दिन
2018 के आसपास Su-Kam की कहानी बदल गई। ओवर-लीवरेज, कैश-फ़्लो का दबाव, और IBC/NCLT प्रक्रिया का समय — तीनों ने मिलकर 26 साल पुराने बिज़नेस को कुंवर के हाथ से निकाल दिया। कंपनी NCLT में गयी और मैनेजमेंट फ़ाउंडर के नियंत्रण से बाहर हो गया।
आज: Su-vastika और नया अध्याय
News18 हिंदी बताता है कि कुंवर सचदेव आज भी रुके नहीं हैं — Su-vastika के ज़रिये वे लिथियम स्टोरेज, सोलर हाइब्रिड इनवर्टर और सेल-लेवल टेस्टर बना रहे हैं। कहानी डराने वाली है, पर अंत में एक सबक भी है: कंपनी डूब सकती है, फ़ाउंडर की कहानी नहीं।
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