News18 हिंदी की फ़रहा फ़ातिमा की रिपोर्ट: रेलवे क्लर्क के बेटे कुंवर सचदेव जिनके पिता प्राइवेट स्कूल की फ़ीस नहीं भर पाए थे — उन्होंने कैसे खड़ी की Su-Kam, करोड़ों की कंपनी।

News18 हिंदी पर फ़रहा फ़ातिमा की यह Success Story एक ऐसे उद्यमी की है जिसके पिता एक रेलवे क्लर्क थे — और जिनके घर में इतनी आमदनी नहीं थी कि आगे की पढ़ाई प्राइवेट स्कूल से हो सके। कुंवर सचदेव प्राइमरी तक प्राइवेट स्कूल में पढ़े, फिर सरकारी स्कूल-कॉलेज, फिर नौकरी — और अंत में इनवर्टर बनाने की ठान ली।
आग में तपा हुआ लोहा
“आग में तप कर लोहा मज़बूत बनता है” — News18 हिंदी की यह लाइन कुंवर सचदेव की कहानी की सबसे सही व्याख्या है। आर्थिक परेशानियाँ कुंवर की ज़िंदगी का अहम हिस्सा रहीं। ज़मीन से आसमाँ तक का यह सफ़र एक स्टेप में तय नहीं हुआ।
भाई के साथ काम — और फिर अलग रास्ता
पढ़ाई के बाद कुंवर ने पहले नौकरी की, फिर अपने भाई के साथ काम किया। यह वो दौर था जब उन्हें एक बिज़नेस चलाने और मैनेज करने का ज़मीनी अनुभव मिला। लेकिन उनके अंदर एक बड़ा आइडिया पल रहा था।
“पिता नहीं भर पाए थे प्राइवेट स्कूल की फ़ीस — और उसी बेटे ने बना दी करोड़ों की कंपनी।”— फ़रहा फ़ातिमा, News18 हिंदी • 13 सितंबर 2023
Su-Kam — इनवर्टर बनाने की ठान
1998 में कुंवर ने Su-Kam Power Systems की नींव रखी। घर में इनवर्टर बार-बार खराब होता था — कुंवर ने उसे खोलकर देखा और तय किया कि वो ख़ुद बेहतर इनवर्टर बनाएँगे। यही एक फ़ैसला उन्हें इस ‘इनवर्टर मैन ऑफ इंडिया’ तक ले आया।
करोड़ों की कंपनी की कहानी
News18 हिंदी बताता है कि आज कुंवर सचदेव Su-Kam जैसी करोड़ों की कंपनी के मालिक हैं। पर उनकी असली कहानी करोड़ों में नहीं — वो उस बच्चे में है जिसने प्राइवेट स्कूल की फ़ीस न भर पाने वाले पिता के घर में जन्म लिया, और फिर अपनी मेहनत से एक ब्रांड खड़ा किया।
पिता नहीं भर पाए थे प्राइवेट स्कूल की फीस — बेटे ने बनाई करोड़ों की कंपनी — News18 हिंदी →