BehindTalkies Hindi पर प्रकाशित इस प्रेरणादायक लेख में Su-Kam कंपनी के संस्थापक कुंवर सचदेव की अद्भुत जीवन यात्रा को विस्तार से बताया गया है। जानिए कैसे एक साधारण रेलवे क्लर्क के बेटे ने संघर्षों को पार कर भारत की सबसे बड़ी पावर बैकअप कंपनी खड़ी की।
रेलवे क्लर्क थे पिता जी
कुंवर सचदेव के पिता रेलवे क्लर्क थे। बचपन में आर्थिक तंगी के कारण उन्हें प्राइवेट स्कूल छोड़कर सरकारी स्कूल में पढ़ाई करनी पड़ी। फीस भरने के लिए वे घर-घर जाकर पेन बेचते थे। बचपन का सपना था डॉक्टर बनना — मेडिकल प्रवेश परीक्षा दी लेकिन सफलता नहीं मिली।
पढ़ाई के दौरान बेचा पेन, फिर बनाई कंपनी
ग्रेजुएशन के दौरान केबल कम्युनिकेशन कंपनी में मार्केटिंग का काम किया। वहाँ से प्रेरणा लेकर उन्होंने सू-कम कम्युनिकेशन नाम से अपनी कंपनी शुरू की। एक दिन एक घर में खराब इनवर्टर देखा और उसमें बिजनेस का बड़ा मौका नजर आया। साल 1998 में कंपनी का नाम बदलकर Su-Kam Power Systems रख दिया।
23,000 करोड़ रुपए का साम्राज्य
आज Su-Kam का टर्नओवर लगभग 23,000 करोड़ रुपए से अधिक है। कंपनी के सोलर और पावर बैकअप प्रोडक्ट्स लाखों भारतीय घरों में उपयोग हो रहे हैं। इतनी बड़ी सफलता के बावजूद कुंवर सचदेव अत्यंत साधारण जीवन जीते हैं और अनाथ बच्चों की मदद भी करते हैं।

