नवभारत टाइम्स के सौरभ दीक्षित की Success Story: बसों में पेन बेचने से लेकर 2,300 करोड़ रुपये की Su-Kam कंपनी तक — कुंवर सचदेव की मेहनत और लगन की कहानी।

नवभारत टाइम्स के सौरभ दीक्षित की Success Story एक ऐसे इंसान की है जो कभी बसों में पेन बेचकर अपनी पढ़ाई का ख़र्च निकालते थे — और आज Su-Kam Power Systems के मालिक हैं, एक ऐसी कंपनी जिसकी वैल्यू लगभग 2,300 करोड़ रुपये तक जा पहुँची है।
पेन बेचने से पढ़ाई की शुरुआत
घर के हालात ऐसे नहीं थे कि पिता की तनख्वाह से बच्चों की पढ़ाई भी हो सके। कुंवर सचदेव को छोटी उम्र में ही अपनी पढ़ाई के ख़र्च के लिए काम करना पड़ा — बसों में और गली-मोहल्लों में पेन बेचकर।
नौकरी छोड़कर बिज़नेस की तरफ़
नवभारत टाइम्स बताता है कि पढ़ाई के बाद कुंवर ने पहले नौकरी की। लेकिन ज़्यादा दिन नहीं। अंदर एक ऐसा आइडिया पल रहा था जिसे नौकरी के अंदर बंद नहीं रखा जा सकता था। कुंवर ने नौकरी छोड़कर अपने बिज़नेस की शुरुआत की।
“कभी बसों में बेचा करते थे पेन — फिर बिज़नेस के इस आइडिया से बने 2,300 करोड़ की कंपनी के मालिक।”— सौरभ दीक्षित, नवभारत टाइम्स • 13 सितंबर 2023
Su-Kam का जन्म
1998 में Su-Kam Power Systems की नींव पड़ी। घर में इनवर्टर बार-बार खराब हो रहा था — कुंवर ने खोलकर देखा और तय किया कि इससे बेहतर इनवर्टर वो ख़ुद बना सकते हैं। यही एक फ़ैसला उन्हें भारत का ‘इनवर्टर मैन ऑफ इंडिया’ बना गया।
मेहनत का सबक
नवभारत टाइम्स की यह स्टोरी सिर्फ़ एक फ़ाउंडर का इंटरव्यू नहीं है — यह उन लाखों नौजवानों के लिए है जिनके पास पूँजी नहीं है, पीछे पारिवारिक व्यवसाय नहीं है, लेकिन हिम्मत और मेहनत है। कुंवर सचदेव उन्हीं की सबसे साफ़ मिसाल हैं।
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