Kunwer Sachdev founder Su-kam ready to launch E-rickshaw

प्रेस कवरेज • 31वीं वर्षगांठ फ़ीचर

1986—2017 की 31वीं वर्षगांठ पर हिंदी बिज़नेस फ़ीचर: सु-कैम अब वाहनों के क्षेत्र में उतर रही है — कुंवर सचदेव के रिसर्च सेंटर में सोलर ऊर्जा से चलने वाला ई-रिक्शा तैयार, जो किसी चार्जिंग पॉइंट का मोहताज नहीं होगा।

31वीं वर्षगांठ फ़ीचर — कुंवर सचदेव Su-kam ready to launch E-rickshaw
1986—2017 • 31वीं वर्षगांठ फ़ीचर — कुंवर सचदेव & सु-कैम का नया प्रयोग

1986—2017 की 31वीं वर्षगांठ पर छपे इस हिंदी बिज़नेस फ़ीचर में कुंवर सचदेव और उनकी कंपनी Su-Kam Power Systems का सफ़र दिखाया गया है — और आगे का इरादा भी: पावर बैकअप और सोलर के बाद अब वाहनों का क्षेत्र।

नया प्रयोग: सोलर ई-रिक्शा — बिना चार्जिंग पॉइंट का

सचदेव ने अपने रिसर्च सेंटर में दिखाया कि सौर ऊर्जा से चलने वाला ई-रिक्शा तैयार हो रहा है। इसमें बैटरी इनवर्टर से चार्ज होगी, और इनवर्टर को बिजली रिक्शे के ऊपर रखे सोलर पैनल से मिलेगी। सबसे बड़ी ख़ूबी: यह ई-रिक्शा किसी चार्जिंग पॉइंट का मोहताज नहीं होगा।

1,000 करोड़ का टर्नओवर, रिलायंस-टीमसेक का निवेश

कंपनी का सालाना कारोबार 1,000 करोड़ रुपये है। शुरू में कुंवर ने अपने संसाधनों से धन जुटाया — बाद में रिलायंस (अनिल अंबानी) और टीमसेक होल्डिंग ने निवेश किया। बैटरी, इनवर्टर, सोलर पावर, यूपीएस — और अब वाहनों का क्षेत्र।

“सबसे बड़ी ख़ूबी यह होगी कि यह ई-रिक्शा किसी चार्जिंग पॉइंट का मोहताज नहीं होगा।”— कुंवर सचदेव • 31वीं वर्षगांठ फ़ीचर (1986—2017)

IoT आधारित इनवर्टर — त्रिपुरा से गुड़गांव तक निगरानी

Su-Kam ने अपने इनवर्टरों को IoT आधारित कर लिया है। त्रिपुरा में लगे सु-कैम इनवर्टरों की निगरानी अब गुड़गांव में बैठे इंजीनियर कर रहे हैं — कौन-सी यूनिट काम कर रही है और कौन-सी नहीं, यह फ़ौरन पता चल जाता है।

रिसर्च विंग का बिजली बिल = ज़ीरो

Su-Kam के रिसर्च विंग में बिजली का बिल जीरो है — यहाँ सब कुछ सौर ऊर्जा से चल रहा है। कॉर्पोरेट ऑफ़िस भी सोलर इनवर्टर से बिजली ले रहा है। सचदेव के मुताबिक़ यह सिर्फ़ प्रचार नहीं है — यह एक ‘सोलर ट्रक’ तक की मशीन बनाने की तैयारी है।

स्रोत / Source

31वीं वर्षगांठ फ़ीचर — बिज़नेस टुडे हिंदी →

31वीं वर्षगांठ फ़ीचर (1986—2017) • कुंवर सचदेव & Su-Kam
Scroll to Top