पंजाब केसरी
पैट्रोल पंपों, स्कूलों के लिए बेहतरीन सुकैम सोलर पावर प्लांट
चंडीगढ़, (अनूप कुमार) पंजाब के साथ साथ देश भर में बिजली संकट के चलते आज के हालात में सौर ऊर्जा यानी सोलर
व पैट्रोल पंपों पर सोलर बैकअप इंस्टाल करने की एक मुहिम चलाई है। सुकैम पॉवर सोलर प्रॉजेक्ट के वाईस प्रेसीडेंट आशीष सेठी ने
पैट्रोल पंप चलाने बिजली के मुकाबले काफी महंगा पड़ता है। इसके अलावा पंजाब और चंडीगढ़ की शिक्षण संस्थाएं अधिकांश दिन
हर तरह से किफायती है प्लांट
पंजाब में लगभग 6 पैट्रोल पंपों पर सुकैम ने 6 केवीए के सोलर बैकअप इंस्टाल किए हैं। जब भी बिजली जाती है तो ये पैट्रोल पंप सोलर पावर से निरंतर चलते रहते हैं। हाईवे पर सोलर पर चलने वाले इन पैट्रोल पंपों से ना तो डीजल से चलने वाले जेनेरेटर की तरह कोई वायू प्रदूषण होता है ना ही कोई ध्वनि प्रदूषण, और खर्च भी बिजली और डीजल के खर्चे के मुकाबले बेहद कम। डीजल से पैट्रोल पंप चलाने में प्रतिदिन लगभग 1500 रूपए का खर्च आता है। इस हिसाब से प्रतिवर्ष एक पैट्रोल पंप को 3,65000/-से 5,47000/-रुपए अतिरिक्त खर्च करने पड़ते हैं।
पावर बेहतरीन विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
देश की अग्रणी पॉवर बैकअप सोल्यूशन कंपनी सुकैम पावर ने पंजाब के स्कूलों, शिक्षण संस्थाओं
पंजाब केसरी से खास बातचीत में बताया कि पंजाब में बिजली संकट के कारण हाईवे पर स्थित पैट्रोल पंपों पर डीजल से जेनेरेटर सेट चलाने पड़ते हैं। डीजल के कारण
में ही चलती हैं। स्कूलों कालेजों और यूनिवर्सिटीज में सोलर प्रॉजेक्ट लगाने काफी किफायती और प्रदूषण मुक्त होते हैं। इसी प्रकार एक साधारण स्कूल का एक महीने का
बिजली का खर्च 50 से 60 हजार लाख के खर्चे से सोलर पावर प्लांट रुपए आता है जबकि सोलर इंस्टाल किया जा सकता
पावर इंस्टालेशन को लगाने से बिजली के भारी बिलों से छुटकारा पाया जा सकता है। सुकैम सोलर पावर बैकअप ने चंडीगढ़ के टीटीटीआई संस्थान में 50 किलावाट का सोलर पावर प्लांट लगाया है जो कि पूरी तरह सोलर पावर पर ही चलता है। इसी प्रकार शिवालिक पब्लिक स्कूल पटियाला में भी सोलर पावर प्लांट लगाया जा चुका है। पंजाब इंजीनियरिंग कालेज चंडीगढ़ में तो 1 मेगावाट पावर का सोलर पावर प्लांट लगाया जा रहा है।
आशीष सेठी ने बताया कि पैट्रोल पंप पर एक बार लगभग 8 से 10
सरकार देती है 30 प्रतिशत तक सब्सिडी
है। इसी प्रकार स्कूलों व कालेजों में भी पावर प्लांट इंस्टाल किए जा सकते हैं। इतना खर्च तो एक साल में बिजली के बिल का सामान्य आता है। सोलर पावर इंस्टालेशन के लिए हरियाणा सरकार 30 प्रतिशत तक सब्सिडी भी प्रदान करती है। सेठी के अनुसार आम लोगों में अभी सोलर प्लांट के बारे में जागरूकता बहुत कम है। सुकैम, राज्य सरकारें और केंद्र सरकार सोलर पावर इंस्टालेशन के लिए बहुत योजनाएं प्रदान कर रही है। पावर ऊर्जा, प्रदूषण और का सर्वश्रेष्ठ माध्यम

Punjab Kesari
Best Su-kam Solar Power Plant for Petrol Pumps, Schools
Chandigarh, (Anoop Kumar) In today’s situation due to power crisis in Punjab as well as across the country, solar energy i.e. solar
And a campaign has been launched to install solar backup on petrol pumps. Ashish Sethi, Vice President of Su-kam Power Solar Project
Running a petrol pump is much more expensive than electricity. Apart from this, educational institutions in Punjab and Chandigarh remain closed most of the day.
The plant is economical in every way
Sukam has installed 6 KVA solar backups at around 6 petrol pumps in Punjab. Whenever there is a power cut, these petrol pumps continue to run on solar power. These solar powered petrol pumps on the highways neither cause any air pollution nor any noise pollution like diesel powered generators, and the cost is also very low as compared to the cost of electricity and diesel. Running a petrol pump on diesel costs around Rs. 1500 per day. According to this, a petrol pump has to spend an additional Rs. 3,65000/- to Rs. 5,47000/- per year.
Power is being seen as the best option.
Sukam Power, the country’s leading power backup solution company has provided power backup solutions to schools and educational institutions in Punjab
In a special conversation with Punjab Kesari, he told that due to power crisis in Punjab, petrol pumps situated on the highway have to run generator sets on diesel. Due to diesel
Solar projects run in schools, colleges and universities. Installing solar projects in schools, colleges and universities is quite economical and pollution free. Similarly, a one month solar project of an ordinary school will cost Rs.
The cost of electricity comes to Rs. 50 to 60 thousand lakhs for a solar power plant while solar can be installed
By installing power installation, one can get rid of the heavy electricity bills. Sukam Solar Power Backup has installed a 50 kilowatt solar power plant in TTTI Institute, Chandigarh which runs completely on solar power. Similarly, a solar power plant has been installed in Shivalik Public School, Patiala. A 1 megawatt solar power plant is being installed in Punjab Engineering College, Chandigarh.
Ashish Sethi told that about 8 to 10 people visit the petrol pump at a time
Government gives subsidy up to 30 percent
Similarly, power plants can be installed in schools and colleges as well. This much is the normal cost of electricity bill in a year. Haryana government also provides subsidy up to 30 percent for solar power installation. According to Sethi, awareness about solar plants is very low among common people. Sukam, state governments and central government are providing many schemes for solar power installation. Power is the best medium of energy, pollution and
Disclaimer: It is important to note that while Mr. Kunwer Sachdev founded Su-Kam Power Systems, he is no longer associated with the company as of 2019. Any information regarding his involvement in the company’s operations, strategies, or future plans reflects his tenure prior to that date. Therefore, any discussions or analyses of Su-Kam Power Systems should be considered in the context of his past contributions and not his current association with the company.